उम्मीद

Posted By Geetashree On 3:34 AM 4 comments
मैं इस दुनिया से आत्मीय रिश्ता जोड़ना चाहती हूं...उम्मीद है जल्दी ही धमाकेदार विचारो के साथ मैं अवतार लूंगी। निरभय..निरगुण..गुण रे गाऊंगी...।